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थोक मूल्य सूचकांक श्रृंखला की समीक्षा

Sat 29 Jun, 2019

सरकार ने थोक कीमत सूचकांक की मौजूदा श्रृंखला की समीक्षा के लिये नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय कार्य समूह का गठन किया। आधार वर्ष की समीक्षा से कीमत स्थिति की एवं वास्तविक तस्वीर पेश करने और उसका लोगों पर पड़ रहे  प्रभाव को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। थोक कीमत सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) की मौजूदा श्रृंखला का आधार वर्ष 2011-12 है। कार्य समूह के अन्य सदस्य राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, वित्त मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, आरबीआई और उपभोक्ता मामलों के विभाग से हैं। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग समूह का नोडल कार्यालय होगा।

थोक मूल्य सूचकांक

  • थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) देश में मुद्रास्फीति की गणना के लिए दो व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले सूचकांक हैं।
  • भारत में मुद्रास्फीति की गणना करने के लिए थोक मूल्य सूचकांक का उपयोग किया जाता है, जबकि अधिकांश देशों में मुद्रास्फीति मापने के लिए CPI का इस्तेमाल किया जाता है।
  • थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की गणना थोक बाजार में उत्पादकों और बड़े व्यापारियों द्वारा किये गए भुगतान के आधार पर की जाती है।
  • इसमें उत्पादन के प्रथम चरण में अदा किये गए मूल्यों की गणना की जाती है। भारत में मुद्रा स्फीति की गणना इसी सूचकांक के आधार पर की जाती है।