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विलवनिकरण

Thu 26 Nov, 2020

समाचार में क्यों

  • हाल ही में, महाराष्ट्र ने मुंबई में एक विलवणीकरण संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की।
  • यह  संयंत्र प्रतिदिन 200 मिलियन लीटर पानी (MLD) को साफ़ करेगा, और यह मुंबई में मई और जून के महीनों में पानी की कमी को दूर करेगा| ऐसा प्रयोग करने वाला महाराष्ट्र देश का चौथा राज्य होगा।

परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • ऑस्मोसिस: ऑस्मोसिस एक जैव-भौतिक प्रक्रिया है जो आमतौर पर जैविक प्रणालियों में होती है जहां विलायक अणु उच्च विलेय सांद्रता वाले क्षेत्र से एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के पार जाते हैं।

रिवर्स ऑस्मोसिस क्या है?

  • रिवर्स ऑस्मोसिस वह प्रक्रिया है जिसमें दाब का प्रयोग संपीड़ित गुण  और आसमाटिक दाब को दूर करने के लिए किया जाता है जो एक थर्मोडायनामिक पैरामीटर और एक विलायक के रासायनिक अंतर द्वारा निर्दिष्ट  होता है।
  • यह प्रयोग मुख्य रूप से जल संयंत्रो  और जल  उद्योगों में पीने योग्य पानी के उत्पादन में किया जाता है। जब शुद्ध विलयन के उपयोग द्वारा  इसे झिल्ली की एक ओर बने रहने दिया जाता है तो इससे अंत में विलय प्राप्त होता है|रिवर्स ऑस्मोसिस बैक्टीरिया सहित पानी से निलंबित सूक्ष्म जीवों को हटा देता है।

रिवर्स ऑस्मोसिस सिद्धांत:

  • रिवर्स ऑस्मोसिस परासरन के सिद्धांत के विपरीत काम करता है, जहां नमक के विलयन को दाब देकर   अर्ध परासरन झिल्ली के विपरीत दबाया जाता है, यह दाब अस्मेटिक दाब या परासर्नीय दाब से अधिक होता है|इस प्रकार अणु अत्यधिक सान्द्र विलयन से अल्प सान्द्र विलयन की ओर बह जाता है|
परासरण (ऑस्मोसिस) विपरीत परासरण (रिवर्स ऑस्मोसिस)
यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक विलयन के अणु अर्ध पारगम्य झिल्ली से कम सांद्रता वाले क्षेत्र से उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र में से गुजरते है| यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक विलयन के अणु अस्मेटिक दाब से अधिक दाब होने पर उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र में से गुजरते है|
यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है यह एक कृत्रिम प्रक्रिया है
यह प्रवणता के साथ उत्पन्न होता है यह प्रवणता के विपरीत उत्पन्न होता है
यह पर्ण रंध्र के खुलने पर एवं जडो द्वारा मृदा से जल के अवशोषण के दौरान पाया जाता है| यह प्रक्रिया जल शुद्धिकरण संयंत्रो में पायी जाती है|