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संत कबीरदास

Sat 26 Jun, 2021

समाचार में क्यों?

  • हाल ही में, 24 जून, 2021 को संत कबीरदास की जयंती के रूप में मनाई गई।
  • वे हिन्दी साहित्य के भक्तिकालीन युग में भक्ति के लिए एक महान प्रवर्तक थे।

परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • संत कबीरदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में हुआ था। वह 15वीं शताब्दी के रहस्यवादी कवि, संत और समाज सुधारक और भक्ति आंदोलन के प्रस्तावक थे।
  • कबीरदास के लेखन का भक्ति आंदोलन पर बहुत प्रभाव था और इन्होने कबीर ग्रंथावली, अनुराग सागर, बीजक और सखी ग्रंथ शीर्षक से रचनाए की।
  • इनके लिखित छंद सिख धर्म के ग्रंथ,गुरु ग्रंथ साहिब में पाये जाते है।
  • उनके काम का प्रमुख हिस्सा पांचवें सिख गुरु, गुरु अर्जन देव द्वारा एकत्र किया गया था।

भक्ति आंदोलन :

  • आरंभ: आंदोलन संभवत: 6वीं और 7वीं शताब्दी ईस्वी के आसपास तमिल क्षेत्र में शुरू हुआ था और अलवर (विष्णु के भक्त) और नयनार (शिव के भक्त), वैष्णव और शैव कवियों की कविताओं के माध्यम से काफी लोकप्रियता हासिल की।
  • अलवर और नयनार अपने देवताओं की स्तुति में तमिल में भजन गाते हुए एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करते थे।