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रिज़र्व बैंक द्वारा कॉरपोरेट ऋण के लिए द्वितीयक बाजार के विकास पर कार्यबल गठित

Fri 31 May, 2019

हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक ने कॉरपोरेट ऋण को बढ़ावा देने के लिए द्वितीयक बाजार के विकास पर टी.एन. मनोहरन की अध्यक्षता में कार्यबल का गठन किया है।

पृष्ठभूमि

  • 4 अप्रैल 2019 को वर्ष 2019-20 के लिए पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति के साथ जारी विकासात्मक और विनियामक नीतियों पर वक्तव्य में यह घोषित किया गया था कि रिज़र्व बैंक कॉरपोरेट ऋणों के लिए द्वितीयक बाजार के विकास पर एक कार्यबल का गठन करेगा।
  • भारत में द्वितीयक ऋण बाजार बड़े पैमाने पर परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों को बिक्री और बैंकों सहित अन्य उधारदाताओं को तदर्थ बिक्री तक सीमित है और बाजार को मजबूत करने के लिए कोई औपचारिक तंत्र विकसित नहीं किया गया है।

विकसित द्वितीयक बाजार आवश्यकता

  • ऋण के लिए एक व्यवसायिक, मजबूत और तरल द्वितीयक बाजार सामान्य रूप से ऋण बाजार की क्षमता बढ़ाने में और विशेष रूप से दबावग्रस्त परिसंपत्तियों के समाधान में सहायक के रूप में एक लंबा रास्ता तय करेगा ।
  • यह ऋण के लिए पूर्ण  विकसित द्वितीयक बाजार व्यापार में निहित जोखिम की पारदर्शी कीमत निर्धारण में सहायक होगा जो  प्रतिभूतिकरण बाजार में नवाचारों के साथ-साथ कॉरपोरेट क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप (सीडीएस) जैसे निष्क्रिय बाजारों को भी बढ़ावा देगी।

कार्यबल का कार्यक्षेत्र

  • कार्यबल का कार्यक्षेत्र भारत में ऋण बिक्री / अंतरण के लिए बाजार की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ ऋण व्यापार में अंतरराष्ट्रीय अनुभव की समीक्षा करना और निम्न पर सिफारिश करना:
  • दबावग्रस्त परिसंपत्तियों के लिए ऋण लेनदेन मंच के साथ कॉर्पोरेट ऋणों में द्वितीयक बाजार के विकास के लिए आवश्यक नीतिगत / विनियामकीय हस्तक्षेप;
  • खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सूचना असमानता को दूर करने, इसकी स्वामित्व संरचना और संबंधित प्रोटोकॉल जैसे कि ऋण की जानकारी का मानकीकरण, स्वतंत्र सत्यापन और डेटा एक्सेस के लिए एक ऋण अनुबंध रजिस्ट्री का निर्माण;
  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और संबंधित ट्रेडिंग और लेनदेन रिपोर्टिंग बुनियादी ढांचे सहित ऋण बिक्री/ नीलामी के लिए बाजार संरचना का डिजाइन;
  • थर्ड पार्टी मध्यस्थों, जैसेकि सर्विसर, अरेंजर्स, मार्केट मेकर्स, इत्यादि की भूमिका,और आवश्यकता;
  • ऋण बिक्री / अंतरण में खरीदारों और विक्रेताओं की बढ़ी हुई भागीदारी के लिए उपयुक्त उपाय, इत्यादि।

द्वितीयक बाजार क्या है

  • द्वितीयक बाजार या स्‍टॉक एक्‍सचेंज सेकेण्‍ड हैण्‍ड सूचीबद्ध या बोली लगाई गई प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री के लिए उच्‍च स्‍तर का सुव्‍यस्थित बाजार है (विशेष प्रतिभूति की बोली लगाना या सूचीबद्ध करने से अभिप्राय है उस प्रतिभूति को स्‍टॉक बाजार के रजिस्‍टर में निगमित करना)।
  • यह व्‍यष्टियों के निकाय का संघ या संगठन है, चाहे निगमित हो या नहीं, जिसकी स्‍थापना प्रतिभूतियां खरीदने, बेचने एवं कारोबार करने के व्‍यवसाय को सहायता देने, विनियमित और नियंत्रित करने के लिए की गई है।