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वार्षिक शिक्षा रिपोर्ट सर्वे 2020

Fri 30 Oct, 2020

समाचार में क्यों

  • हाल ही में, जारी वार्षिक शिक्षा रिपोर्ट (ASER) में ग्रामीण शिक्षा में क्षरण की स्थिति स्पष्ट हुई है।
  • पिछले 15 सालों में गैर सरकारी संगठन प्रथम ने देशव्यापी सर्वेक्षण के द्वारा ग्रामीण शिक्षा में पढ़ने और अंकगणित के संदर्भ में छात्रों के विषय को सीखने के परिणाम का आंकलन किया है|
परीक्षा उपयोगी तथ्य

वैदिक और उत्तर वैदिक साहित्य

  • वेद - अधिकांश प्राचीन भारतीय ग्रंथों में धार्मिक विषयों का उल्लेख हैं और इन्हें वेदों के रूप में जाना जाता है। वेद, वैदिक काल की संस्कृति और सभ्यता के बारे में विश्वसनीय जानकारी देते है, लेकिन वे तत्कालीन राजनीतिक स्थितियों के विषय में नहीं बताते हैं। इनका रचनाकाल 1500-500 ई.पू. के बीच माना जाता है  वेद संख्या में चार हैं। ऋग्वेद में मुख्य रूप से प्रार्थनाओं का वर्णन है। अन्य तीन में , सामवेद, यजुर्वेद  और अथर्ववेद  है इसमें -प्रार्थना, अनुष्ठान, तन्त्र और पौराणिक कहानियाँ का उल्लेख है।
  • ब्राह्मण, अरण्यक, और उपनिषद - उत्तर वैदिक साहित्य में ब्राह्मण, अरण्यक, और उपनिषद का उल्लेख मिलता है। वेदों के बाद, ब्राह्मण की रचना हुई, जो वेदों की ऋचाओ की एक व्याख्या है। प्रत्येक वेद से कई ब्रह्मण जुड़े हुए हैं। अरण्यक और उपनिषद विभिन्न आध्यात्मिक और दार्शनिक समस्याओं पर भाष्य हैं।
  • दर्शन वेदों की सहायक संधियाँ हैं। भारतीय दर्शन के छह शाखाएं  हैं जिन्हें षडदर्शन कहा जाता है। ये है - सांख्य (कपिल), योग (पतंजलि), न्याय (अक्षपाद गौतम), वाशिका (उलुका) (कणाद), पूर्वा मीमांसा (जैमिनी) और वेदांत या उत्तर मीमांसा (बदारायण)।

प्राचीन भारत की कुछ महत्वपूर्ण पुस्तके

  • अर्थशास्त्र: इसकी रचना कौटिल्य (चाणक्य) ने की थी। यह मौर्य काल की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति की एक वर्णनात्मक कृति है|
  • मुद्राराक्षस: इसकी रचना विशाख दत्त ने गुप्त काल के दौरान की थी। यह चंद्र गुप्त मौर्य द्वारा नंद के विनाश की कथा है।
  • अष्टाध्यायी की रचना पाणिनि द्वारा की गयी है, यह एक व्याकरण कृति है, जिस पर पतंजलि ने भाष्य लिखा है। इसका नाम महाभाष्य है।
  • कालीदास की रचना अभिज्ञान शकुंतलम और मालविकाग्निमित्रम तत्कालीन गुप्त काल के समाज और संस्कृति की स्थितियों का वर्णन करते हैं|
  • 12 वीं शताब्दी में  हर्ष के दरबारी कवि बाणभट्ट ने ‘ हर्षचरित’ की रचना की थी।
  • कल्हण ने 'राजतरंगिणी' की रचना की है जिसमें कश्मीर के शासकों का वर्णन मिलता है।
  • राजतरंगिणी, भारत की पहली ऐतिहासिक पुस्तक मानी जाती है।

ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में शिक्षा प्रणाली

  • 1791 में, जोनाथन डंकन द्वारा हिंदू दर्शन और कानून के अध्ययन के लिए वाराणसी में एक संस्कृत कॉलेज शुरू किया गया था
  • 1813 का चार्टर एक्ट अंग्रेज सरकार का शिक्षा की ओर पहला कदम था
  • 1835 में, लॉर्ड विलियम बेंटिक की सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया कि भारतीयों को पश्चिमी विज्ञान और साहित्य अंग्रेजी माध्यम में प्रदान किया जाए
  • 1835 में एल्फिंस्टन कॉलेज (बॉम्बे) और कलकत्ता मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई।वुड्स डिस्पैच (1854): वुड ने सुझाव दिया कि भारत में प्राथमिक स्कूलों में अनिवार्य रूप से वर्नाकुलर भाषा को अपनाया जाना चाहिए,, हाई स्कूलों को एंग्लो-वर्नाक्यूलर भाषा और कॉलेज स्तर पर शिक्षा का माध्यम 'अंग्रेजी' होना चाहिए। इसे “भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्ना कार्टा कहा जाता है”।'