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जल संसाधन

Tue 29 Dec, 2020

समाचार में क्यों?

  • हाल ही में, राष्ट्रीय जल मिशन (एनडब्ल्यूएस), जल शक्ति मंत्रालय, नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) के सहयोग से, युवा मामले और खेल मंत्रालय ने “कैच द रेन अवेयरनेस जनरेशन” अभियान की शुरूआत की है।
  • राष्ट्रीय जल मिशन: जल का संरक्षण करना , अपव्यय को कम करना और एकीकृत जल संसाधन विकास और प्रबंधन के माध्यम से राज्यों के भीतर जल का समान वितरण सुनिश्चित करना है।

जल शक्ति मंत्रालय और जलजीवन मिशन:

  • जल शक्ति मंत्रालय का गठन, जल के मुद्दों से समग्र रूप से निपटने के लिए किया गया था।
  • जलजीवन मिशन का लक्ष्य वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को पाइप के माध्यम से जल उपलब्ध कराना है।परीक्षा उपयोगी तथ्य

I. सतही जल संसाधन

सतही जल के चार प्रमुख स्रोत हैं:

1. नदियाँ

2. झीलें

3. तालाब

4. टैंक

  • एक नदी में जल का प्रवाह उसके जलग्रहण क्षेत्र या नदी के बेसिन के आकार या उसके जलग्रहण क्षेत्र के अंतर्गत हुई वर्षा पर निर्भर करता है।
  • गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु जैसी नदियाँ विशाल जलग्रहण क्षेत्र हैं। यह देखते हुए कि गंगा, ब्रह्मपुत्र और बराक नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा होती है, यह देश के कुल क्षेत्रफल का केवल एक तिहाई भाग है तथा कुल जल संसाधनों का 60 प्रतिशत है।
  • गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी दक्षिण भारतीय नदियों में वार्षिक जल प्रवाह का बहुत अधिक दोहन किया गया है, लेकिन ब्रह्मपुत्र और गंगा नदी के घाटों में ऐसा होना बाकी है|

II. भू-जल संसाधन

  • देश में कुल प्रतिपूरक भूजल संसाधन लगभग 432 घन किमी हैं।
  • पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और तमिलनाडु राज्यों में भूजल के उतार-चढ़ाव का स्तर अपेक्षाकृत अधिक है। सिंधु नदी में भूजल का उपयोग उच्चतम स्तर है।

III. लैगून और पश्च जल

  • भारत में लंबी तटरेखा (7517 किमी) है तथा कुछ राज्यों में बहुत अधिक संख्या में तटें बहुत दंतुकार है  (ज़िग-ज़ैग रेखाओं के साथ), जिसके कारण कई लैगून व झीलों का निर्माण हुआ है।
  • केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में  लैगून तथा झीलों में सतही जल संसाधन हैं।
  • आमतौर पर खारे जल का उपयोग धान की फसलों, नारियल उत्पादन एवं  कुछ किस्मों की मछली पकड़ने तथा सिंचाई के लिए किया जाता है।